Monday, 8 February 2016

मोदी के मेक इन इंडिया को सच कर रहा गोरखपुर का अंकुर


प्लेस्टोर पर मौजूद है व्हाट्सएप को चुनौती देने वाला अंकुर का एन्कऐप
गोरखपुर. मोदी की मेक इन इंडिया को गोरखपुर के इस किशोर ने सच कर दिखाया है। व्हाट्सएप की तरह इस किशोर का एन्कऐप प्ले स्टोर पर धमाल मचाया हुआ है। किशोर का दावा है कि यह ऐप व्हाट्सएप से दुगुने क्षमता वाला है और इसमें कई बेहतरीन फीचर्स भी मौजूद हैं।

गोरखपुर के राप्तीनगर मुहल्ले में रहने वाले अंकुर त्रिपाठी नवल्स एकेडमी में कक्षा 11 का छात्र है। कामर्स की पढ़ाई कर रहे इस किशोर ने मोबाइल के व्हाट्सएप् को देखकर खुद की एक ऐप बनाने की ठानी। काफी दिनों तक रिसर्च और जानकारी जुटाने के बाद अंततः अंकित को सफलता मिल ही गई।

मध्यमवर्गीय परिवार का है अंकुर
अंकुर त्रिपाठी एक मध्यमवर्गीय परिवार का है। पिता गोरखनाथ त्रिपाठी रजिस्ट्री विभाग में कार्यरत हैं। मां गृहणी हैं। तीन भाइयों में अंकुर सबसे बड़ा है।

क्या है एन्कऐप की खूबियां
एन्कऐप एक सोशल नेटवर्किंग ऐप है। ठीक व्हाट्सऐप की तरह यह काम करता है लेकिन इसके फीचर्स एवं क्षमता व्हाट्सऐप से दुगुना है। अंकुर बताता है कि इस ऐप से बड़ी से बड़ी फाइल ट्रांसफर की जा सकती है। इसके मैसेज आॅटोमेटिकली क्लाउड में सेव हो जाते हैं जिसे कभी भी हासिल किया जा सकता है। इसकी सर्विस भी अन्य नेटवर्किंग ऐप की तरह काफी तेज है। सबसे बड़ी खूबी कि यह बिल्कुल फ्री है साथ ही पूरी तरह इंडियन है। एन्कऐप से एक साथ 100 लोगों को मैसेज भेजा जा सकता है।

सपोर्ट डिजिटल इंडिया के लिए काम करना चाहता अंकुर
अंकुर भविष्य में ऐप डेवलपर बनना चाहता है। वह एक ऐसा प्लेटफार्म क्रिएट करना चाहता जहां उसके जैसी प्रतिभाएं काम कर सके और अपनी क्रिएटिविटी का प्रदर्शन कर सकें ताकि देश के काम आए। अंकुर ने बताया कि व्हाट्सएप यूज करने से देश का धन विदेश में जाएगा लेकिन स्वदेशी ऐप से देश को ही फायदा होगा। हमारा पैसा विदेश जाने से बच सकेगा।

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