आगरा का ताजमहल भारत की शान ओर प्रेम का प्रतीक चिन्ह माना जाता है आगरा उतर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा जिला है जो बहुत लोकप्रिय भी है !
इतिहास की दृष्टी से देखा जाये तो सन 1604 में इब्राहीम लोदी ने इस सहर को बसाया था उन्होंने कल्पना भी नही की होगी की यह सहर पुरे विश्व में खूबसूरती के परचम लहराएगा !
ये तो बात थी आगरा सहर की अब बात करते है ताजमहल की ! कहा जाता है की मुग़ल बादशाह शहाजहा ने इसे अपनी बीवी मुमताज की याद में बनवाया था कुछ लोगो का ये भी मानना है की ताजमहल शुरू से ही मुमताज का मकबरा ना हो कर एक हन्दू प्राचीन शिव मंदिर था !
ताजमहल को आज दुनिया के सात अजूबो में गिना जाता है ताजमहल का निर्माण कार्य सन 1930 में शरू हुआ और इसे बनाने में 22 वर्षो का समय लगा इसका गुबंद 60 फिट उचा और 80 फिट चोडा है ताजमहल को बनाने में 20 हजार शिल्पकार ,कारीगर ,संगतराश और मजदुर ने कम किया !
ताजमहल को दुनिया के सात अजूबो में से एक माना जाता है इसलिए देश विदेश से रोजाना लाखो लोग इसे देखने आते है गर्मी हो या सर्दी यह पर्यटकों की भीड़ लगी ही रहती है !

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